फर्जी Online Loan एप के रिकवरी एजेंट के व्हाट्सएप और कॉल से बचने का सबसे आसान तरीका। Online Fraud Loan App in India

फर्जी Online Loan एप के रिकवरी एजेंट के व्हाट्सएप और कॉल से बचने का सबसे आसान तरीका। Online Fraud Loan App in India
आधुनिक समय में धीरे धीरे सब कुछ ऑनलाइन शिफ्ट होता जा रहा है। चाहे ऑनलाइन बैंक ट्रांसक्शन हो या फिर किसी बैंक में लोन लेना हो। एक समय था जब लोगो को बड़ी बड़ी लाइनों में लगना पड़ता था। चाहे बैंक में पासबुक प्रिंट करना हो या फिर लोन के लिए फॉर्म जमा करना हो। लेकिन अब सब कुछ ऑनलाइन होता जा रहा है। आप घर बैठे ही ऑनलाइन लोन के लिए अप्लाई कर सकते है। घर बैठे ही आपका दस्तावेज वेरिफिकेशन हो जाता है। और इंस्टेंट आपके बैंक अकाउंट में आपका लोन अमाउंट ट्रांसफर कर दिया जाता है। लेकिन जहाँ लोगो की सुविधा के लिए तमाम बैंक अपने सुविधाओं को ऑनलाइन के माध्यम से आसान बनती जा रही है। वही कुछ जालसाज लोगो की काम जानकारी का फायदा उठाकर ठगी और फ्रॉड को अंजाम दे रहे है। और यह सब हो रहा है फर्जी लोन एप और वेबसाइट के माध्यम से। गूगल और फेसबुक विज्ञापन के माध्यम से ये अपने फर्जी लोन प्रोवाइडर स्कीम को उपभोक्ता तक पहुंचते है। और अपने स्कीम में ये जालसाज लुभावनी और असंभव सर्विस (जैसे – पांच मिनट में दो लाख का लोन पाएं। बिना किसी पेपर वर्क या सैलरी स्लिप या बिना किसी ITR के) देने का वादा करते है। रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया के नियमों के मुताबिक कोई भी बैंक या फाइनेंशल कंपनी किसी भी ग्राहक को एक दिन में लोन नहीं दे सकती है। और लोन देने से पहले ग्राहक को सेंक्शन और एग्रीमेंट लेटर देना अनिवार्य होता है। जिसमे नियमों और शर्तों के तौर पर यह तय किया जाता है।
फर्जी Online Loan एप के रिकवरी एजेंट के व्हाट्सएप और कॉल से बचने का सबसे आसान तरीका। Online Fraud Loan App in India
फर्जी Online Loan एप के रिकवरी एजेंट के व्हाट्सएप और कॉल से बचने का सबसे आसान तरीका। Online Fraud Loan App in India
  1. ग्राहक को लोन प्रदाता कंपनी कितना लोन देने का दवा कर रही है?
  2. ग्राहक को लोन प्रदाता कंपनी कितने दिन में लोन प्रदान कर देगी?
  3. ग्राहक को लोन प्रदाता कंपनी किसलिए लोन दे रही है?
  4. ग्राहक को लोन प्रदाता कंपनी से लिया लोन कितने महीने / वर्ष में चुकाना होगा?
  5. ग्राहक को लोन प्रदाता कंपनी से लिया लोन चुकाने के लिए प्रत्येक माह कितनी EMI ( आसान मासिक किश्त ) भरनी होगी?
  6. ग्राहक को लोन प्रदाता कंपनी से लिया लोन की रकम पर कितने प्रतिशत का ब्याज देना होगा। साथ ही यह स्पष्ट करना होगा की  ब्याज मासिक/तिमाही/छमाही होगा या वार्षिक।
  7. ग्राहक को लोन प्रदाता कंपनी द्वारा यह भी बताना होगा की यदि ग्राहक समय पर लोन नहीं चुकाया जाता है। तो क्या कोई विलम्ब शुल्क ( Fine ) लिया जायेगा। यदि हाँ तो कितना।

Q. ग्राहक के साथ धोखाधड़ी ( फ्रॉड ) कैसे होती है?

दोस्तों अब हम यह समझते है की आखिर इतने सारे नियम कांईं के बावजूद भी कोई भी व्यक्ति इनका शिकार कैसे हो जाता है। तो इसका उत्तर यह है की सबसे पहले पहले जालसाज लोग Google विज्ञापन टूल और फेसबुक विज्ञापन टूल अथवा अन्य थर्ड पार्टी विज्ञापन टूल कंपनी की मदद से सस्ता और इंस्टेंट लोन देने का विज्ञापन देते है। लोग इनके विज्ञापन देखकर इनके वेबसाइट पर आते है या एप को डाउनलोड करते है। उसके बाद एप को ओपन करते ही आपके फ़ोन में Location, Contact, Storage, Calander, और अन्य एप को एक्सेस करने की परमिशन लेते है। हम बिना सोंचे समझे सभी को Allow करते जाते है। परमिशन देते ही हमारे फ़ोन में जितने भी कांटेक्ट नंबर ( बिज़नेस, दोस्त, रिश्तेदार) का नंबर सेव होता है। वह उनके पास चला जाता है। अब शुरू होता है असली खेल।
अब अगले स्टेप में आपके सामने एक फर्जी रजिस्ट्रेशन फॉर्म ओपन होगा। जिसे आपको भरने को बोला जायेगा जिसमे आपसे आपकी व्यक्तिगत व सार्वजानिक जीवन की जानकारियां ( जैसे – आपका पैन कार्ड की तर्ज पर नाम, जन्मतिथि, आप जॉब करते है या बिज़नेस, आपकी मासिक वेतन, आदि ) मांगी जाती है। अब अगले पेज पर आपसे आपका आधार कार्ड, पैन कार्ड और एक लाइव सेल्फी अपलोड करने को कहा जायेगा। आप अपलोड कर देते है। जो की तुरंत इनके पास चला जाता है। और यह जालसाज लोग उस दस्तावेज को अपने कंप्यूटर में सेव कर लेते है। अब दस्तावेज अपलोड कर लेने के ले बाद आखिरी पेज पर आपसे आपका बैंक अकाउंट नंबर , IFSC कोड, आदि माँगा जाता है। अब आपका फॉर्म सबमिट हो गया है।
अब अगले पेज पर आपको दिखेगा की आपको Rs.3000-/ या Rs.5000-/ का लोन मिल सकता है। आप अप्लाई कर देते है। अब वहां पर एक मैसेज आ जायेगा। ( Your form has been submitted. after review we will inform you.) लेकिन आपको किसी तरह का कोई लोन सेंक्शन लेटर या कोई एग्रीमेंट लेटर नहीं मिलेगा। और अचानक से एक या दो दिन बाद आपके अकाउंट 1800-/ या 2900-/ का अमाउंट भेज दिया जायेगा। अब पैसा आने के बाद जब आप एप्लीकेशन खोलेंगे तो उसमे दिखेगा की आपको 5000-/ का भुगतान करना है। वह भी 7 दिन के भीतर। अब इनके जाल में फंस जायेंगे।
और सात दिन के बाद इनके रिकवरी एजेंट आपको कॉल पे कॉल / मैसेज पे मैसेज करके आपको परेशान करना शुरू कर देंगे। मानसिक तौर पर परेशान करना शुरू कर देंगे। और अगर आप जरा भी विरोध किये तो गली गलौज भी देना शुरू कर देंगे।
इस तरह आपको मानसिक तौर पर इतना परेशान करना शुरू कर देंगे की आपको समझ नहीं आएगा की अब क्या करें। इतना ही नहीं आपके प्राइवेट डाक्यूमेंट्स ( जैसे – आधार कार्ड, पैन कार्ड, सेल्फी फोटो और आपके फ़ोन से चुराए हुए कॉन्टेक्ट्स के फ़ोन नंबर ) आदि को वायरल करने, और पुलिस में फंसाने की धमकी देने लगते है। जिससे लोग डर जाते है और लिया पैसा वापस लौटा देते है। पर इतना ही नहीं लोन वापस करने के बाद भी ये जालसाज आपको ब्लैकमेल करना नहीं छोड़ते। ये आपको और पैसे देने का दबाव बनाते है। इन जालसाजों की वजह से कई लोगो ने अपनी प्रॉपर्टी बेंच दी। कई लोगों से अपने घर, फ़ोन नंबर, बदल दिए और कई लोगों ने तो आत्महत्या तक कर ली। लोन एप से लोन लेकर फंसने वालों का मामला जुलाई 2020 में प्रकाश में आया था। जब कई लोगो ने लोन एप एक रिकवरी एजेंटो द्वारा मानसिक तौर पर परेशान होकर आत्महत्या करना शुरू कर दिया था। इसके बाद भारत की सर्वोच्च वित्तीय संस्था एवं केंद्रीय बैंक RBI ( रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया ) ने ऑनलाइन लोन देने वाले एप और कम्पनीयों की इस मनमानी के खिलाफ एक कानून बनाया। जिसके तहत किसी भी ऑनलाइन लोन प्रदाता कंपनी को किसी भी लोन लेने वाले ग्राहक को लोन देने से पहले लोन का सैंक्शन लेटर और एग्रीमेंट लेटर देना अनिवार्य होगा। जिसमे लोन से जुडी सभी नियम एवं शर्तों का उल्लेख होगा। बिना सैंक्शन लेटर और एग्रीमेंट लेटर के लोन देना अवैध माना जायेगा। और ग्राहक ऐसे में लोन देने को बाध्य नहीं होगा।
ऑनलाइन लोन के सम्बन्ध में RBI (रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया) द्वारा बनाये गए सभी नियमों के बारें में विस्तार से जानने के लिए  यहाँ क्लिक  करें।
 

 

Q. ऑनलाइन लोन देने वाले जालसाजों से कैसे बंचे?

दोस्तों अगर आप ऑनलाइन लोन देने वाले फर्जी एप एवं उनके फर्जी एजेंटों के शोषण से बचना चाहते है। तो ऐसे में आपको लोन के लिए अप्लाई करने से पहले निम्नलिखित बताये गए दिशा निर्देशों के अनुसार ही आवेदन करना है।
  1. ऑनलाइन लोन लेने के लिए सबसे पहले ऑनलाइन लोन के सम्बन्ध में RBI (रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया) द्वारा बनाये गए सभी नियमों के बारें में अच्छे से जान लें और फिर लीगल और RBI की वेबसाइट पर रजिस्टर लोन एप से ही लोन के लिए आवेदन करें।
  2. सोशल मीडिया (गूगल, इंस्टाग्राम, यूट्यूब या फेसबुक) पर दिखाए गए विज्ञापन से कभी आवेदन न करें। क्योंकि ज्यादातर फर्जी लोन एप की विज्ञापन चलाते है।
  3. बिना सैंक्शन लेटर और एग्रीमेंट लेटर के लोन कभी स्वीकार न करें।
  4. 7 दिन के लिए लोन देने वाले एप और दिए जाने वाले लोन की रकम पर वापसी की लोन रकम पर 50% से अधिक ब्याज लगाने वाले एप्लिकेशन से कभी लोन स्वीकार न करें
  5. ऑनलाइन लोन प्रदाता एप को अपने फ़ोन की निजी जानकारी ( कॉन्टेक्ट्स, स्टोरेज, आदि) को एक्सेस करने की परमिशन देने से पहले उस लोन एप की प्राइवेसी पालिसी को एक बार अवश्य पढ़ ले।

Q. जालसाजों एवं रिकवरी एजेंटों की मानसिक प्रताड़ना से कैसे बंचे?

यदि आपने गलती से फर्जी एप से लोन ले लिया है। और जालसाज एवं रिकवरी एजेंट आपको व्हाट्सप्प एवं फर्जी / प्राइवेट नंबर से कॉल करके परेशान कर रहे है। तो ऐसे जालसाजों एवं रिकवरी एजेंटों की मानसिक प्रताड़ना से बचने के लिए नीचे दिए गए दिशा निर्देशों का पालन करें।
  1. सबसे पहले व्हाट्सप्प एवं कॉल का कोई उत्तर न दें। अपने सिम ( सेवा प्रदाता ) कंपनी को कॉल करके DND सर्विस एक्टिवट करने को कहें। जिससे आपको फर्जी / प्राइवेट नंबर से कॉल आना बंद हो जाये।
  2. यदि आपको व्हाट्सप्प पर वापस करने की धमकी दी जारी है या गाली / अभद्र भाषा का प्रयोग किया जा रहा है। तो उनका रिप्लाई बिलकुल न करें। बल्कि उनके चैट / मैसेज / रिकॉर्डिंग आदि को सबूत के तौर पर रख लें।
  3. Cyber Crime पोर्टल  पर ऑनलाइन कंप्लेंट रजिस्टर करें। अथवा अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन में लिखित FIR दर्ज करवाएं। जिससे भविष्य में अगर आपके दस्तावेज ( जैसे – आधार कार्ड, पैन कार्ड, सेल्फी फोटो और आपके फ़ोन से चुराए हुए कॉन्टेक्ट्स के फ़ोन नंबर ) आदि का गलत इस्तेमाल हो तो आप सुरक्षित बंच जाएँ।
  4. पुलिस स्टेशन में लिखित FIR दर्ज करवाने के बाद FIR की प्रति ( Copy ) जरूर लें। यदि आप Cyber Crime पोर्टल पर ऑनलाइन कंप्लेंट रजिस्टर करते है। तो आपको ऑनलाइन FIR की प्रति ( Copy ) पीडीऍफ़ में मिल जाएगी। उसे आप अपने दोस्तों, रिश्तेदारों को भेज दें। या स्टेटस लगा दें। ताकि आपके कॉन्टेक्ट्स को पता लग जाएँ और आपकी छवि न ख़राब हो। और जालसाजों की बातों में न आएं।
  5. जालसाज एवं रिकवरी एजेंट आपको व्हाट्सप्प पर मैसेज करके पैसा लौटने के लिए कोई लिंक भेजे तो उसपर भूल से भी क्लिक न करें। ऐसा करने से आप अपना बैंक का खजाना खाली करवा लेंगे।
  6. यदि जालसाज एवं रिकवरी एजेंट आपको व्हाट्सप्प पर मैसेज करके पैसा लौटने के लिए दबाव बनायें। तो उनसे सेंक्शन लेटर या एग्रीमेंट लेटर की मांग करें। और उनसे सामने या किसी भी स्थान पर मिलने के लिए बुलाएँ। या उनसे उनके हेड ऑफिस / ब्रांच का पता पूंछे। वह कभी नहीं दिखा पाएंगे। न आपसे मिलने आएंगे और न ही कोई ऑफिस / ब्रांच का पता बता पाएंगे क्योंकि यह सब फर्जी है। और इसका कोई लीगल ऑफिस नहीं होता। बस आपको व्हाट्सप्प और कॉल करके परेशान करेंगे।
  7. यदि कोई व्यक्ति आपको लोन प्रदाता कंपनी का मैनेजर या एजेंट बोलकर बैंक अकाउंट वेरिफिकेशन के लिए बैंक से जुई कोई निजी जानकारी पूछे तो उसे किसी भी हाल में कोई भी गोपनीय जानकारी ( डेबिट/क्रेडिट, एक्सपायरी डेट, CVV आदि) कभी न दें। क्योकि ऐसा करने से आपका बैंक अकाउंट खाली हो सकता है। कोई भी बैंक / लोन प्रदाता कंपनी / फाइनेंशल कंपनी आपको कॉल करके आपसे आपके बैंक अकाउंट से जुडी कोई भी निजी जानकरी ( डेबिट/क्रेडिट, एक्सपायरी डेट, CVV आदि) कभी नहीं पूछती है। आपको सीधे बैंक बुलाती है।
दोस्तों आशा करते है यह आर्टिकल आपको पसंद आया होगा। अगर आपके मन में कोई सवाल हो तो कमैंट्स में पूछे। आपको रिप्लाई जरूर मिलेगा धन्यवाद।

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